चेक और डिमांड ड्राफ्ट में क्या अंतर होता है ?

आज हम बात करेंगे चेक और डिमांड डाफ्ट में बारे में, की चेक और डिमांड डाफ्ट क्या होते है और इनमे क्या अंतर होता है? Difference Between Cheque And Demand Draft in Hindi.

सबसे पहले आपको बता दे की चेक और डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) ये दोनों ही पैसे ट्रांसफर करने के अलग अलग लेकिन पुराने तरीके है। ये बात तो आप जानते है होंगे की आज कल ज्यादातर लोग किसी को भी पैसे ट्रांसफर करने के लिए ऑनलाइन बैंकिंग का ही इस्तेमाल करते है, क्योंकि ऑनलाइन बैंकिंग आसान होती है और इससे समय की भी बचत होती है और साथ ही इसमें बैंक के चक्कर भी नही लगाने पड़ते है, इसलिए ज्यादातर लोग ऑनलाइन बैंकिंग ही पसंद करने लगे है, (कैंसल्ड चेक क्या होता है और ये क्यों और कब माँगा जाता है?)और आजकल तो कई ऐसे एप्लीकेशन भी आ गए है जिनसे आप और भी आसानी पैसे ट्रांसफर कर सकते है, और इसी बजह से हमे पैसे ट्रांसफर करने के बाकी तरीके पुराने लगने लगे है।

लेकिन आपको बता दे की आज भी  कई जगह पर फण्ड ट्रांसफर करने के लिए डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) और चेक का इस्तेमाल किया जाता है। इसलये आपको ये भी जानना जरूरी है कि इन दोनों में क्या अंतर होता है, ताकि आप इनके बारे में अच्छे से जान सके और इन दोनों सुविधाओं का फायदा उठा सके।

डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) और चेक में क्या अंतर होता है।
Difference Between Cheque And Demand Draft (DD) In Hindi.

डीडी या डिमांड ड्राफ्ट और चेक ये दोनों ही पैसे ट्रांसफर करने के आसन और पुराने तरीके है और इस वजह से भी कई लोग इसे एक ही समझ लेते है और इनमे अंतर नही समझ पाते है। आइये आपको बताते है इन दोनों में क्या अंतर होता है।

डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) को जिस किसी इंसान या कंपनी के नाम पर इसे बनवाया जाता है, डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) का पैसा सीधे उसी के खाते (Account) में ट्रान्‍सफर होता है। चेक को खाते (Account) में जमा किया जा सकता है साथ ही साथ चेक से बीयरर द्वारा भी पैसे निकले जा सकते है।

डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) बनवाने के लिए आपका बैंक में खाता (Account) होना जरुरी नही है। जबकि चेक के लिए बैंक में खाता (अकाउंट) होना जरुरी है।

डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) आप नगद (Cash) देकर बनवा सकते है या फिर जिस बैंक में आपका खाता (Account) है उस बैंक से डिमांड ड्राफ्ट बनवाने पर आप अपने खाते से पैसे कटवा सकते है। जबकि किसी को चेक देने के लिए आपका बैंक अकाउंट होना जरुरी है साथ ही जब आपके खाते में पैसे नही होते है तब भी आप किसी को चेक दे सकते है।

जब आपके खाते है पैसे नही होते है आपके द्वारा दिया गया चेक बाउंस हो जाता है जबकि डिमांड ड्राफ्ट कभी बाउंस नही होता, क्योंकि  डीडी बनवाने के लिए आपको पहले पेमेंट करना पड़ता है।

अगर चेक खो जाता है और अगर वो चेक अकाउंट पे नही है तो इसका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। क्योंकि कोई भी व्यक्ति इसे बीयरर बनकर इनकैश आसानी से करा सकता है। जबकि डीडी से सिर्फ अकाउंट में पैसे ट्रांसफर होते है (ऐसे किया जाता है एटीएम और ऑनलाइन फ्रॉड)और इसके खो जाने पर इससे पैसे नही निकाले जा सकते है, और अगर डीडी खो जाता है तो इसे कैंसिल कराया जा सकता है।

डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) किसी व्यक्ति या संस्था के नाम बनवाया जा सकता है, और वही चेक किसी भी व्यक्ति या पार्टी के नाम पर जारी (Issue) किया जा सकता है।

साथ ही आपको बता दे की कई बार चेक को क्लियर होने में कई दिनों का समय लग जाता है , जबकि डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) पैसे ट्रांसफर होने एक वर्किंग डे जितना ही टाइम लगता है।

वैसे तो डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) का इस्तेमाल आज कल बहुत ही कम हो गया है, लेकिन आपको बता दे की ये पैसे ट्रांसफर करने का एक आसान और सुरक्षित तरीका है, और इसका ज्यादातर इस्तेमाल फीस (Fees) जमा करने के लिए किया जाता है।

तो आशा करते है अब आपको अच्छे से समझ आ गया होगा की चेक और डिमांड ड्राफ्ट में क्या अंतर होता है और ये कैसे एक दूसरे से अलग है। उम्मीद है आपको ये जानकारी पसंद आएगी , जानकारी पसंद आये तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे….धन्यवाद

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