होमियोपैथी और एलॉपथी में क्या अंतर होता है ?

आज हम बात करने वाले है होमियोपैथी और एलॉपथी के बारे में की इनके बीच क्या अंतर होता है। – दुनिया भर में कई चिकित्सा प्रणाली है जैसे एलॉपथी, होमियोपैथी (Homeopathy) , आयुर्वेद और यूनानी, इन सभी से व्यक्ति का इलाज किया जाता है लेकिन भारत में एलॉपथी, होमियोपैथी और आयुर्वेद काफी पॉपुलर है पर आज हम बात करने वाले है एलॉपथी और होमियोपैथी के बारे में। सबसे पहले बात करते है होमियोपैथी के बारे में।
Homeopathy की बात की जाए तो यह दुनियाभर में एक जानी मानी  चिकित्सा पद्धति है।
homeopathy
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होम्‍योपैथी के जन्‍मदाता डॉ॰ क्रिश्चियन फ्राइडरिक  सैम्यूल हानेमान को माना जाता है।  होमियो यूनानी भाषा का वर्ड है जिसका  मतलब होता है similer मतलब सामान या हम कह सकते है बीमारी के सामान।
इस थेरपी में जो दवा दी जाती ही वो उन रोगों के सामान होती है।
मतलब की ये दवाएं उन बिमारियों को दूर करती है जिन्हें वे पैदा कर सकती है ।
इस थेरपी में मरीज की मेन्टल और फिजिकल कंडीशन की जांच करके ही उसे उसके अनुसार दवा दी जाती है जिससे बीमारी जड़ से खत्म हो जाती है
ऐसे में मरीज को उस दवा से कुछ समय तक के लिए तो राहत मिल जाती है लेकिन बाद में इससे नुक्सान हो सकता है। और इसके अलावा होमियोपैथी (Homeopathy) का इलाज भी लंबा चलता है
और वही अगर बात करे एलॉपथी की तो हमे जब भी हेल्थ से समन्धित कोई भी समस्या होती है तो हम तुरंत एलॉपथी ट्रीटमेंट लेते है और ये इन्फेक्शन से निपटने में सबसे कारगर है।
एलॉपथी में Antibactarial और Antibiotics दी जाती है जो इन्फेक्शन को ख़त्म करती हज  बैक्टरिया या वायरस को मरकर ।
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लेकिन इस कंडीशन में जब ये दवाएं बैक्टरिया से लड़ रही होती है या उस इंफेक्शन को ख़त्म कर रही होती है तो उस कंडीशन में हमारे बॉडी को इससे बहुत नुक्सान होता है ओर इसी नुक्सान को हम इन दवाओं के साइड इफ़ेक्ट भी कहते है।
अगर आपका इलाज लंबा चलता है तो इससे आपको फायदा तो होगा लेकिन साथ ही साथ कुछ नुख्सान भी होंगे।
एलोपैथी से बीमारी को सिर्फ संभाला जा सकता है। वह कभी बीमारी को जड़ से खत्म नहीं करती क्योंकि मुख्य रूप से इसमें लक्षणों का इलाज किया जाता है।
ये बात आप भी जानते होंगे की  ब्लड प्रेशर, दमा, डाइबिटीज़ यहाँ तक की  जुकाम का एलॉपथी में इलाज नही है ये सिर्फ इन्हें कण्ट्रोल में रख सकते है।
एलॉपथी के फायदे है तो नुक्सान भी है जैसे अगर आपको कोई बड़ी बीमारी है और आपके पास टाइम नही है तो आपके लिए एलॉपथी ट्रीटमेंट अच्छा रहेगा क्योंकि इससे जल्दी आराम मिल जाता है लेकिन होमियोपैथी थोड़ा समय लगता है और इसका इलाज भी लंबा चलता है।
दोस्तों मैं उम्मीद करता हूँ आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। और मुझे बहुत ख़ुशी होगी अगर ये आर्टिकल आपके थोड़े भी काम आ सके धन्यवाद ।

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