आईपीएस ऑफिसर कैसे बने ? बेहद सरल भाषा में

आईपीएस ऑफिसर कैसे बने ? बेहद सरल भाषा में – दोस्तों हममें से कई लोगों ने आई पी एस किरन बेदी का नाम तो सुना ही होगा। यह हमारे देश की पहली महिला आई पी एस अधिकारी हैं। एक आईपीएस अधिकारी की पावर, रुतबा क्या होता है आपके सामने सबसे अच्छा उदाहरण है। यह भारतीय पुलिस का सबसे उच्च पद होता है। यह हमारे देश के सबसे प्रतिष्ठित पदों में से एक पद होता है हर नौजवान का एक सपना होता है कि वह एक आई पी एस अधिकारी बनके देश और समाज की सेवा कर सकें।

आईपीएस ऑफिसर कैसे बने ? बेहद सरल भाषा में
आईपीएस ऑफिसर कैसे बने ? बेहद सरल भाषा में

आईपीएस ऑफिसर बनने के लिए आपको यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम के लिऐ एप्लाई करना पड़ता है यह परीक्षा देश की कठिन परीक्षाओं में से एक है। इस पद के लिये देश भर से लाखों नौजवान इसके लिए कड़ी मेहनत करते है। जितने भी ASP, DSP, IG, DIG, DGP होते है वे सभी IPS होते हैं तो यदि आप भी अपना भविष्य उज्जवल बनाना चाहते हैं तो कड़ी मेहनत के जरिये आप इस पद को पा सकते हैं। इसके लिए शैक्षिक योग्यता, तैयारी सभी के बारे में हम आपको इस लेख के जरिये बतायेंगे। ये सब जानकारी आपको बेहद सरल भाषा में उपलब्ध है-

कार्य – एक आई पी एस अधिकारी जिले की कानून व्यवस्था को बनाए रखने, अपने जिले में शांति बनाए रखने के साथ वीआईपी अधिकारियों को सुरक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी भी इनके ही कंधों पर होती है। अपराधियों व अपराध की रोकथाम करने ट्रैफिक कंट्रोलिंग, दुर्घटनाओं से जनता की सुरक्षा प्रदान करने के लिए जबाबदेह होता है।

आई पी एस का फुल फॉर्म – इंडियन पुलिस सर्विस (IPS-Indian Police Service)

शैक्षणिक योग्यता – इस पद के लिये आवेदक को कक्षा 10वीं, कक्षा 12वीं पास करना आवश्यक है। साथ ही उसे किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री 50 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। आप किसी भी मनपसंद स्ट्रीम चाहे वो आर्ट्स हो, विज्ञान या गणित हो उस संकाय से ग्रेज्युशन पूरी कर इस इस परीक्षा में शामिल होने के पात्र हैं साथ ही जो अंतिम वर्ष के परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं वो उम्मीदवार इस परीक्षा की पात्रता रखते हैं।

आयु सीमा – आई पी एस ऑफिसर के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष एवं अधिकतम आयु 32 वर्ष है। ये आयु सीमा हर वर्ग के लिए अलग है सामान्य वर्ग के लिए – 21 से 32 वर्ष, ओबीसी के लिए – 21 से 35 साल , एस सी/एस टी के लिये – 21 से 37 वर्ष है। हर कैंडीडेट को आयु सीमा ध्यान रखना जरूरी है।

प्रयास की सीमा – प्रतियोगी इस बात का ध्यान रखें यह एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है और इसके लिये प्रतिभागियों के लिये प्रयासों की संख्या भी निश्चित की गई है यानि कैंडीडेट कितनी बार इस परीक्षा में सम्मिलित हो सकता है तो आइये जानते हैं-

सामान्य वर्ग हेतु – 32 वर्ष की उम्र तक 6 प्रयास
ओबीसी के लिए – 35 वर्ष की उम्र तक 9 प्रयास
एस सी/एस टी के लिए – 37 वर्ष की उम्र तक असीमित प्रयास

शारीरिक योग्यता – लंबाई – पुरुष उम्मीदवार की लंबाई 165 सेमी. या लगभग 5 फुट 5 इंच और महिलाओं के लिए 150 सेमी. या लगभग 5 फुट होना चाहिए।
छाती – पुरुष उम्मीदवार की छाती मिनिमम 84 सेमी होना चाहिए एवं फुलाने पर 5 सेमी. अधिक होना चाहिए एवं महिला उम्मीदवार के लिए 79 सेमी एवं फुलाने पर 5 सेमी. होना चाहिए।
नेत्र -स्वस्थ आंखों के लिए दृष्टि 6/6 या 6/9 होना चाहिए।

अब बात करते हैं परीक्षा के बारे में – हर साल UPSC – Union Public Service Commission (यूपीएससी) द्वारा सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन महीने में किया जाता है जो कि तीन चरणों में पूरी की जाती है-

(1) प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) – यह सिविल सेवा परीक्षा का इस चरण का आयोजन मई-जून के महीने में किया जाता है। और हर साल लगभग चार लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल होते हैं लेकिन 12 से 14 हजार ही उत्तीर्ण होकर मुख्य परीक्षा में शामिल होने की पात्रता प्राप्त कर पाते हैं। यह परीक्षा परीक्षार्थी अपनी सुविधानुसार हिन्दी या अंग्रेजी किसी भी भाषा में दे सकता है।

इस परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्न या ऑब्जेक्टिव टाइप क्वेश्चन शामिल किये जाते हैं। इस परीक्षा के दो पेपर होते हैं-

(A) प्रथम प्रश्न पत्र – कुल मार्क्स -200, कुल प्रश्न-100, समय 2 घंटे
(सम्बन्धित विषय – सामान्य अध्ययन, राजनीति विज्ञान, इतिहास, भूगोल, सामयिक घटनायें)

(B) द्वितीय प्रश्न पत्र (CSAT) – कुल मार्क्स -200, कुल प्रश्न-80, समय 2 घंटे
(सम्बन्धित विषय – तार्किक क्षमता , योग्यता, निर्णय क्षमता)

नोट – इस परीक्षा में गलत उत्तर पर माइनस मार्किंग की जाती है प्रत्येक प्रश्न के लिए 2 अंक एवं गलत उत्तर पर कुल अंक का 1/3 अंक काटे जाते हैं ध्यान रहे मुख्य परीक्षा में इस परीक्षा में प्राप्त अंकों को नहीं जोड़ा जाता है।

(2) मुख्य परीक्षा – प्रीलिमिनरी परीक्षा को पास करने के बाद सफल उम्मीदवार मुख्य परीक्षा या CSE Mains में शामिल हो सकते हैं इस मुख्य परीक्षा में कुल 9 पेपर होते हैं 9 पेपर्स में से 7 पेपर्स से मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है और 2 पेपर क्वालीफाइंग होते हैं यानि इन 2 पेपर के माक्र्स काउंट नहीं होते हैं लेकिन आपको पासिंग मार्क्स यानि 33% अंक लाना जरूरी है इनमें से एक पेपर इंग्लिश व दूसरा लोकल भाषा का होता है।
मुख्य परीक्षा पास करने के बाद आपको इंटरव्यू के लिए कॉल किया जायेगा।

(3) साक्षात्कार या इंटरव्यू – आई पी एस सिलेक्शन का यह अंतिम चरण है। यहाँ इंटरव्यू लेने वाले कई पैनल होते हैं जो आपसे काफी मुश्किल व ट्रिकी सवाल पूछ सकते हैं। आपको इसके लिए तैयार रहना होगा तभी आप एक काबिल आईपीएस ऑफिसर बन सकते हैं। इंटरव्यू 45 मिनट से लेकर 90 मिनट तक का हो सकता है। आपको बिना नर्वस हुए इंटरव्यूअर के सवालों के सही जबाव देना है।

इंटरव्यू में सफल होने के बाद आपको आईपीएस ऑफिसर की ट्रेनिंग के लिए मसूरी या हैदराबाद जैसे शहरो में भेजा जाता है। जहाँ से आप ये ट्रेनिंग पूरी करके पोस्टिंग प्राप्त कर सकते हैं। तो इस तरह से आप आई पी एस ऑफिसर बन सकते हैं। नये भर्ती आईपीएस अधिकारी की सैलेरी 65000-70000 रुपये प्रतिमाह होती है और भविष्य में यह 2,25000 रूपए प्रतिमाह तक हो सकती है। साथ ही सस्ती दरों पर बंगला जिसमे कुक चपरासी और अन्य स्टाफ होता है बिजली टेलीफोन मोबाइल कि सुविधा फ्री उपलब्ध होती है मुफ्त सरकारी यात्रा और अन्य बहुत से सुविधायें आईपीएस ऑफिसर को मिलती है

सलाह – हमारे देश के इस प्रतिष्ठित पद को पाने के लिए आपको 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ही तैयारी शुरू कर देना चाहिए। आप करेंट अफेयर्स के बारे में जानिए, प्रतिदिन न्यूज पेपर पढ़िए, देश दुनियाँ में क्या चल रहा है, भूगोल, इतिहास, भारतीय राजनीति, भारतीय कला एवं संस्कृति , सामान्य ज्ञान इन विषयों का बारीकी से अध्यन कीजिए और साथ ही ईमानदारी से की गई कोशिश से सफलता प्राप्त करने से आपको कोई नहीं रोक सकता।

उम्मीद है आपको अच्छे से समझ आ गया होगा कि आप कैसे एक आईपीएस ऑफिसर बन सकते है। अगर आपको हमारे द्वारा की गई जानकारी पसंद आये तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे।

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